मंदिर में किसिंग सीन : Netflix के 2 अधिकारियों पर MP में FIR, गृह मंत्री ने दिए थे जाँच के आदेश

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ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के दो अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक वीडियो के जरिए इसकी जानकारी दी। बता दें कि नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘ए सूटेबल बॉय’ (A Suitable Boy) पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के महासचिव गौरव तिवारी ने मंदिर प्रांगण में अश्लील दृश्य फिल्माने और लव जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।

इसके बाद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मध्य प्रदेश पुलिस को इसकी जाँच करने को कहा था कि क्या Netflix का ‘द सूटेबल बॉय’ धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने वीडियो में बताया कि प्रथम दृष्टया पुलिस ने इसे सही पाया है। उन्होंने बताया कि एफआईआर में नेटफ्लिक्स की वीपी (कंटेंट) मोनिका शेरगिल और डायरेक्टर (पब्लिक पॉलिसीज) अंबिका खुराना का नाम है। इनके खिलाफ रीवा पुलिस स्टेशन में धारा 295A के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “Netflix पर प्रसारित वेब सीरीज “A Suitable Boy” के आपत्तिजनक दृश्यों से धर्म विशेष की भावनाएँ आहत होने का कानूनी परीक्षण करने के निर्देश गृह एवं विधि विभाग के अधिकारियों को दिए थे। परीक्षण में भावनाएँ आहत होने का आरोप सही पाया गया है।”

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नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव गौरव तिवारी द्वारा दायर शिकायत पर रीवा पुलिस द्वारा बुक किए गए हैं। गौरव तिवारी ने रीवा के एसपी राकेश कुमार सिंह को एक मेमोरेंडम देकर माँग की थी कि निर्माता-निर्देशक को माफी माँगने को कहा जाए और ये आपत्तिजनक दृश्य तुरंत हटाया जाए।

इससे पहले रविवार (नवंबर 22, 2020) को ट्वीट करते हुए कहा था, “एक ओटीटी मीडिया प्लेटफॉर्म पर “A Suitable Boy” नामक फ़िल्म जारी की गई है। इसमें बेहद आपत्तिजनक दृश्य दिखाए गए हैं जो एक धर्म विशेष की भावनाओं को आहत करते हैं। मैंने पुलिस अधिकारियों को इस विवादास्पद कंटेंट का परीक्षण कराने को निर्देशित किया है।”

उन्होंने आगे लिखा था, “पुलिस अधिकारी परीक्षण कर बताएँगे कि संबंधित ओटीटी प्लेटफार्म और फ़िल्म के निर्माता निर्देशक पर धार्मिक भावनाएँ आहत करने के लिए क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।”

बता दें कि विक्रम सेठ के लिखे उपन्यास पर आधारित इस सीरीज को मीरा नायर ने डायरेक्ट किया है। फिल्म की कहानी के केंद्र में 1951 की एक लड़की है, जिसके लिए उसकी माँ एक योग्य लड़के की तलाश में है। इस तलाश के दौरान ही सीरीज में भारत विभाजन से उपजी त्रासदी से लेकर धर्म का झगड़ा, मंदिर-मस्जिद, उस वक्त की राजनीति और बड़ी-बड़ी उलझनें लिए बहुत से शेड्स दिखते हैं।

गौरव तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा था, “मंदिर का प्रांगण, बैकग्राउंड में आरती और अश्लील दृश्य। क्या मस्जिद में अजान के समय ऐसा शूट करने की ‘क्रीएटिव फ़्रीडम’ है आपको नेटफ्लिक्स? हिंदुओं की सहिष्णुता को उनकी कमजोरी मत समझिए, ये मध्य प्रदेश का नहीं, भगवान शिव और करोड़ों शिव भक्तों का भी अपमान है। माफ़ी माँगनी पड़ेगी।”

गौरतलब है कि नेटफ्लिक्स की प्रवृत्ति हमेशा से हिंदू विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देने की रही है। इसने ‘Ghoul’, ‘Sacred Games’ और ‘लैला’ के रूप में ऐसी कई वेब सीरिज बनाई है, जो हिंदू विरोधी भावनाओं को जन्म दे रही है और साथ ही इससे विश्व में हिंदू धर्म की नकारात्मक छवि पेश की जा रही है। ‘लैला’ वेब सीरीज में सनातन धर्म के अनुयायियों को सबसे हिंसक और दमनकारी मानसिकता वाले लोगों के तौर पर दिखाया गया है, जो सिर्फ लोगों को बाँटकर उन पर राज करना चाहते हैं।

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