Koo ऐप से लीक हो रहा यूजर्स का पर्सनल डेटा, चाइनीज कनेक्शन भी आया सामने, यहां जानें क्या है सच

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माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) का भारतीय विकल्प कू ऐप (Koo App) इन दिनों चर्चा में बना हुआ है और काफी तेजी से पॉपुलर भी हो रहा है। इसे देसी ट्विटर भी कहा जा रहा है। कई बड़े राजनेताओं सहित बॉलीवुड हस्तियों ने भी इस ऐप पर अपना अकाउंट बनाया है। अब इस ऐप को लेकर विवाद भी सामने आ रहे हैं। एक फ्रेंच सिक्योरिटी रिसर्चर का कहना है कि Koo ऐप सेफ नहीं है और इससे यूजर्स का पर्सनल डेटा लीक हो रहे हैं। लीक हो रहे डेटा में यूजर्स के ई-मेल आईडी, फोन नंबर्स और डेट ऑफ बर्थ शामिल हैं।

ये डेटा हो रहा लीक
डेटा लीक मुद्दे पर एक फ्रांसीसी सुरक्षा शोधकर्ता के निष्कर्ष ने इस प्लेटफॉर्म को हिला दिया। शोधकर्ता इलियट एल्डरसन ने दावा किया कि यह प्लेटफॉर्म यूजर्स के डेटा को लीक कर रहा था, जैसे जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति वगैरह। एल्डर्सन ने कहा कि मैंने इस नए कू एप पर 30 मिनट बिताए। एप उनके यूजर्स के पर्सनल डेटा जैसे ईमेल, डीओबी, नाम, वैवाहिक स्थिति लीक कर रहा था। हालांकि कू के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने ने इस बात से इनकार किया कि कोई डेटा लीक हुआ था।

कू के सीईओ ने किया ट्वीट
राधाकृष्ण ने एक ट्वीट में कहा कि डेटा लीक के बारे में कुछ बातें अनावश्यक रूप से बोली जा रही हैं। दिखाई देने वाला डेटा कुछ ऐसा है, जिसे यूजर्स ने स्वेच्छा से कू पर अपनी प्रोफाइल में दिखाया है। इसे डेटा लीक नहीं कहा जा सकता। यदि आप किसी यूजर की प्रोफाइल पर जाते हैं तो आप इसे देख सकते हैं। वहीं सिक्योरिटी रिसर्चर एल्डर्सन ने राधाकृष्ण के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह झूठ है, मैंने ट्वीट करने से पहले इस बिंदु की जांच की और यह सच नहीं था।

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स्क्रीनशॉट्स शेयर किए
सिक्योरिटी रिसर्चर ने इसे लेकर स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए हैं। स्क्रीनशॉट से ये साफ है कि ऐप कई पर्सनल डेटा लीक कर रहा है। आशंका है कि ऐप के लाखों यूजर्स के डेटा अभी तक लीक हो चुके होंगे। बता दें कि कुछ भारतीय सरकारी विभाग और मंत्री भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। ऐसे में लिस्ट में इनका नाम भी शामिल हो सकता है।

चाइनीज कनेक्शन
कू ऐप को लेकर एक और विवाद सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि इस ऐप का चीन से कनेक्शन है। कहा जा रहा है कि इसमें चाइनीज कंपनी का निवेष है। बता दें कि यह प्लेटफॉर्म खुद को ‘आत्मनिर्भर एप’ के रूप में पेश करता है। हालांकि, कू के सीईओ ने स्पष्ट किया कि चीनी निवेशक, जिसने पहले ब्रांड वोकल में निवेश किया था, इससे बाहर हो रहा है। राधाकृष्ण ने कहा कि कू भारतीय संस्थापकों की भारत में पंजीकृत एक कंपनी है। इसने 2.5 साल पहले की पूंजी जुटाई थी। कू ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की कि उसने अपनी सीरीज ‘ए फंडिंग’ के हिस्से के रूप में 41 लाख डॉलर जुटाए हैं।

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